सलवान मोमिका की वैचारिक लड़ाई को आगे बढ़ाकर हम उसे सच्ची श्र्द्धांजलि देंगे-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

आज प्रयागराज महाकुंभ में श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज और उनके शिष्यों ने स्वीडन में इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध एक लंबा वैचारिक संघर्ष करने वाले निर्भीक और अथक योद्धा सलवान मोमिका की नृशंस हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया।उन्होंने अपने आज के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए और सलवान मोमिका,जो उनके बहुत गहरे मित्र और वैचारिक भाई हैं,उनकी नृशंस हत्या का शोक बनाया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने एक वीडियो जारी करके सलवान मोमिका को अमर बलिदानी घोषित किया और कहा कि उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके अधूरे कार्य हो पूरा करते हुए अपना बलिदान दे देंगे।
वीडियो में सलवान मोमिका के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इराक में अपने माता पिता और परिजनों की इस्लाम के पागल आदमखोर कुत्ते जिहादियों द्वारा की गई हत्या के बाद उन्होंने अपनी मातृभूमि को छोड़कर यूरोप की शरण ली और यहां उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक सम्पूर्ण विश्व को इस्लाम की सच्चाई समझाने का प्रयास किया।इस्लाम के पागल जिहादी आदमखोर पागल कुत्तों के द्वारा उनकी हत्या इस बात की घोतक है कि वो सत्य और न्याय के लिए लड़ रहे थे।सलवान मोमिका जैसे योद्धा कभी नहीं मरते।कल तक वो एक व्यक्ति के रूप मे जीवित थे और अब वो अनन्त काल तक उन सभी की स्मृति में एक विचारधारा बन कर जीवित रहेंगे जो इस्लाम को समझ चुके हैं।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने यह भी कहा कि सलवान मोमिका को सबसे सच्ची श्रद्धांजलि यह होगी कि हम उनके अधूरे कार्यो को पूर्ण करते हुए अपना भी बलिदान दे दे और एक दिन सम्पूर्ण मानवता को इस कैंसर से मुक्ति दिला दे।